- पंजाब सरकार विद्यार्थियों, अध्यापकों, कर्मचारियों, पेंशनरों और शिक्षा विरोधी साबित हुई — चाहल
जालंधर, 17 मई — गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन पंजाब की राज्य स्तरीय बैठक प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह चाहल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पुरानी पेंशन योजना की बहाली, पुराने वेतनमान और भत्तों को बहाल करने, अध्यापकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में उलझाने पर रोक लगाने, विभिन्न श्रेणियों के अध्यापकों की पदोन्नति, मेरिट के आधार पर तबादले, बॉर्डर एरिया और ग्रामीण क्षेत्र भत्तों की बहाली सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर लंबी चर्चा की गई।
इसके अलावा छठे वेतन आयोग के लागू होने के समय जिला परिषदों से आए अध्यापकों की सीनियर-जूनियर वेतन विसंगतियों को दूर करने, स्कूलों में खाली पड़े पद भरने, नई शिक्षा नीति को रद्द कर पंजाब की अपनी शिक्षा नीति लागू करने तथा शिक्षा प्रोवाइडर, ईजीएस वालंटियर और एसटीआर अध्यापकों को शिक्षा विभाग में शामिल कर नियमित करने की मांग भी उठाई गई।
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर पंजाब सरकार की अध्यापक, कर्मचारी और पेंशनर विरोधी नीतियों, विशेष रूप से महंगाई भत्ते के मुद्दे पर सरकार की नकारात्मक नीति की कड़ी निंदा की गई।
यूनियन ने फैसला किया कि 2 जून को शिक्षा भवन मोहाली में विशाल रोष प्रदर्शन और रैली आयोजित की जाएगी।
यूनियन के प्रदेश महासचिव गुरबिंदर सिंह ससकौर, वित्त सचिव मनोहर लाल शर्मा, सहायक प्रेस सचिव गणेश भगत और वरिष्ठ उपाध्यक्ष तीरथ सिंह बासी ने कहा कि मई महीने के दौरान कार्यक्रम की तैयारी के लिए जिला स्तरीय बैठकें आयोजित की जाएंगी।
इसके साथ ही 27 सितंबर को अमृतसर में जनरल काउंसिल अधिवेशन आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में फिरोजपुर से बलविंदर सिंह भुट्टो, मोगा से जजपाल सिंह बाजेके, कपूरथला से रछपाल सिंह वड़ैच, पटियाला से जसविंदर समाना, संगरूर से देवी दयाल और सरबजीत सिंह, बरनाला से हरिंदर मलियां, मानसा से नरेंद्र माखा और गुरदास सिंह, रोपड़ से धर्मेंद्र भंगू, फतेहगढ़ साहिब से राजेश कुमार, मोहाली से रविंदर सिंह पप्पी, होशियारपुर से प्रीतपाल चौटाला और अमनदीप शर्मा, श्री अमृतसर साहिब से सुच्चा सिंह टरपई, गुरदासपुर से दिलदार भंडाल, कुलदीप पुरोवाल, पठानकोट से सुभाष चंद्र तथा जीटीयू पंजाब के पूर्व महासचिव कुलदीप सिंह दौड़का विशेष रूप से उपस्थित रहे।

