यूद्ध नशे विरुद्ध प्रीमियर लीग का डीसी-11 और एसएसपी-11 के बीच होगा फाइनल मैचः डा. घई

होशियारपुर (तरसेम दीवाना ): जिला क्रिकेट एसोसिएशन की तरफ से पंजाब सरकार द्वारा नशों के खिलाफ युद्ध नशे विरुद्ध के तहत करवाई जा रही दूसरी शहीद भगत सिंह यादगारी प्रीमियर लीग का फाइनल मैच डीसी-11 और एसएसपी-11 के बीच खेला जाएगा। इस संबंधी जानकारी देते हुए एचडीसीए सचिव डा. रमन घई ने बताया कि डीसी-11 व सोनालीका-11 के बीच खेले गए अंतिम निर्णायक मैच में सोनालीका ने टास जीतकर डीसी-11 को पहले बल्लेबाजी का मौका दिया, जो उनके लिए घातक साबित हुआ। डीसी-11 की ओर से बल्लेबाजी करते हुए कप्तान डा. पंकज शिव व तेजिंदर चड्ढा की अर्धशतकीय पारियों के साथ 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 188 रन बनाए। जिसमें तेजिंदर चड्ढा ने 65 व डा. पंकज ने 50 रन, डा. उपिंदर संधू ने 22 व डा. रोहित रजत ने 18 रन का योगदान दिया। सोनालीका की तरफ से गेंदबाजी करते हुए सनील सूद ने 4, विशाल पटियाल, कुलदीप सिहं व अंगारा ने 1-1 खिलाड़ी को आउट किया। 20 ओवर में 189 रन का लक्ष्य लेकर बल्लेबाजी करने उतरी सोनालीका की टीम 17.4 ओवर में 133 रन बनारक आल आउट हो गई। जिसमें पवन शर्मा ने 26, अंकुश ने 21 तथा दिनेश ने 13 रन का योगदान दिया। डीसी-11 की तरफ से शानदार गेंदबाजी करते हुए डा. उपिंदर संधू ने 4, रोहित रजत ने 2, डा. पंकज शिव, तलविंदर, अरविंद सैनी ने 1-1 खिलाड़ी को आउट किया। इस तरह डीसी-11 ने अपना अंतिम मैच जीतकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। डा. घई ने बताया कि युद्ध नशे विरुद्ध दूसरी शहीद भगत सिंह प्रीमियर लीग का फाइनल मैच डीसी-11 व एसएसपी-11 के बीच खेला जाएगा। इस अवसर पर एचडीसी अध्यक्ष डा. दलजीत खेला ने बताया कि इस लीग का मुख्य उद्देश्य युवाओं व जिले के कारपोरेट सेक्टर व सरकारी मुलाजिमों के सहयोग से पंजाब सरकार द्वारा शुरु की गई युद्ध नशे विरुद्ध मुहिम में अपना सहयोग देकर पंजाब को नशा मुक्त बनाना है। इस अवसर पर जिला कोच दलजीत सिंह, जूनियर कोच दलजीत धीमान, पंकज पिंका, दिनेश कुमार, ट्रेनर राष्ट्रीय खिलाड़ी कुलदीप धामी, जिला महिला कोच दविंदर कौर कल्याण, जूनियर कोच नीकिता कुमारी के द्वारा इस नशे के खिलाफ खेली जा रही प्रीमियर लीग को सहयोग कर कामयाब करने के लिए किए जा रहे कार्यों की डा. घई ने सराहना की। डा. घई ने कहा कि भविष्य में भी सीनियर एवं जूनियर वर्ग के खिलाड़ियों के मैच करवाए जाते रहेंगे ताकि युद्ध नशे विरुद्ध मुहिम की कामयाबी में योगदान डाला जा सके।


