नई दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में पिछले एक महीने के दौरान करीब 20 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत जहां जून के शुरुआती दिनों में 112 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थी, वहीं अब यह घटकर लगभग 69-72 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। इसके बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई कमी नहीं की गई है।
इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि सरकार और सरकारी तेल कंपनियां सस्ते क्रूड का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंचा रही हैं। विपक्ष का कहना है कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होता है तो देश में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए जाते हैं, लेकिन कीमतें घटने के बावजूद उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिलती।
वहीं, सरकार का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं, जिनमें टैक्स, परिवहन लागत, रिफाइनिंग खर्च और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां शामिल हैं। देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत पिछले एक महीने से 104.12 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर बनी हुई है। इस समय कई शहरों मे तेल के दाम 110 रूपये लीटर तक पहुंच गए हैं।
पिछले एक महीने का तुलनात्मक चार्ट
पिछले एक महीने में क्रूड ऑयल बनाम पेट्रोल कीमत
ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट के बावजूद पंजाब और अन्य राजों में पेट्रोल की कीमत लगभग स्थिर

