लखनऊ (ब्यूरो)- राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला और तूशॉक कृष्णा जायसवाल शामिल हैं। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए बिजली विभाग और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के चार अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया गया है। इनमें बिजली विभाग के एक्सईएन गौरव कुमार, अग्निशमन अधिकारी कमलेंद्र कुमार सिंह, LDA के एई अनिल कुमार और जेई प्रमोद पांडे शामिल हैं।
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जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन
मुख्यमंत्री के निर्देश पर मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। एसआईटी में अमृत अभिजात और प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। जांच दल को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
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मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख अनुग्रह राशि देने की घोषणा
इस दुखद घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त किया है और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।


