ICU में लगी भीषण आग से अफरा-तफरी, 10 घायल, मरीजों को किया गया शिफ्ट
प्रथम न्यूज। देहरादून (ब्यूरो)- देहरादून स्थित पैनेसिया अस्पताल में बुधवार सुबह बड़ा हादसा हो गया, जब अस्पताल के ICU में लगे एयर कंडीशनर (AC) में अचानक ब्लास्ट होने के बाद भीषण आग लग गई। आग लगते ही ICU धुएं से भर गया और अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में एक 60 वर्षीय महिला मरीज की मौत हो गई, जबकि कई मरीज, अस्पताल कर्मचारी और पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना सुबह करीब 9:22 बजे की बताई जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ICU की फॉल सीलिंग में लगे AC में तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण विस्फोट हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। धुएं के कारण ICU में भर्ती मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी और अस्पताल स्टाफ में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। अधिकारियों के मुताबिक फायर ब्रिगेड की टीम महज छह मिनट के भीतर अस्पताल पहुंच गई थी और कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया गया।
हादसे के समय अस्पताल में करीब 13 से 14 मरीज भर्ती थे। ICU में भर्ती मरीजों को तत्काल सुरक्षित बाहर निकालकर दूसरे अस्पतालों में भेजा गया। कई मरीजों को कैलाश अस्पताल और कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया। एंबुलेंस की मदद से मरीजों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।
कैलाश अस्पताल के डायरेक्टर पवन शर्मा ने बताया कि एक महिला मरीज को अस्पताल लाया गया था, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान वीरवती (60 वर्ष), निवासी देहरादून के रूप में हुई है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि महिला की मौत धुएं में दम घुटने और झुलसने के कारण हुई। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
घटना की जानकारी मिलते ही गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा हालात का जायजा लिया। कमिश्नर ने बताया कि अस्पताल पैनेसिया ग्रुप द्वारा लीज पर संचालित किया जा रहा था और प्रथम दृष्टया आग AC यूनिट में तकनीकी खराबी के कारण लगी प्रतीत हो रही है। पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
इस हादसे के बाद देहरादून समेत पूरे उत्तराखंड में अस्पतालों की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने कहा है कि अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था, फायर ऑडिट और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की जांच की जाएगी तथा लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

