जालंधर, 5 जून (डोगरा) पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) में कर्मचारियों और संसाधनों की कमी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। बिजली संबंधी शिकायतों के समाधान में लगातार देरी हो रही है, जिससे उपभोक्ताओं में रोष बढ़ता जा रहा है। बिजली कटौती, लो-वोल्टेज, खराब मीटर, ट्रांसफार्मरों की खराबी तथा नए बिजली कनेक्शनों से जुड़ी समस्याओं को लेकर लोग विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। पर्याप्त स्टाफ और तकनीकी संसाधनों की कमी के कारण कर्मचारियों पर कार्यभार बढ़ गया है, जिससे शिकायतों का समय पर निपटारा नहीं हो पा रहा। फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मचारी सीमित संसाधनों के बीच अपनी जिम्मेदारियां निभाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन विभाग में लंबे समय से खाली पड़े पदों के कारण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं को झेलना पड़ रहा है।
पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) में संसाधनों और आवश्यक सामान की कमी का असर अब आम उपभोक्ताओं पर साफ दिखाई देने लगा है। बिजली संबंधी शिकायतों के समाधान में देरी होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली कटौती, लो-वोल्टेज, खराब मीटर, ट्रांसफार्मर खराब होने तथा नए कनेक्शनों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए उन्हें कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है।
सूत्रों के अनुसार विभाग के कई कार्यालयों में आवश्यक तकनीकी सामान और उपकरणों की कमी बनी हुई है, जिसके कारण फील्ड स्टाफ को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार और सीमित संसाधनों के चलते शिकायतों का समय पर निपटारा नहीं हो पा रहा।
–अधिकारियों ने भी मानी परेशानी
इस संबंध में जब विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि दफ्तरों में आवश्यक सामान और संसाधनों की कमी के चलते कई बार लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन अभी तक आवश्यक सामान की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि कई बार खराबी दूर करने या मरम्मत कार्य में केवल इसलिए देरी हो जाती है क्योंकि जरूरी सामग्री समय पर उपलब्ध नहीं होती। इसका खामियाजा अंततः आम लोगों को भुगतना पड़ता है।
गर्मी के मौसम में बढ़ सकती हैं समस्याएं
बिजली की बढ़ती मांग के बीच यदि विभाग में संसाधनों और स्टाफ की कमी दूर नहीं की गई तो आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। लोगों ने सरकार और विभागीय प्रबंधन से मांग की है कि खाली पदों को भरा जाए तथा आवश्यक उपकरण और सामग्री उपलब्ध करवाई जाए ताकि शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके।

