आइसलैंड लगातार 19वें वर्ष बना दुनिया का सबसे शांतिपूर्ण देश, पाकिस्तान 152वें और अमेरिका 134वें स्थान पर
नई दिल्ली : वैश्विक स्तर पर बढ़ते युद्ध, राजनीतिक तनाव और सुरक्षा चुनौतियों के बीच जारी हुई ग्लोबल पीस इंडेक्स (GPI) 2026 की रिपोर्ट में भारत ने अमेरिका, रूस, इजराइल और पाकिस्तान जैसे कई देशों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस द्वारा जारी इस रिपोर्ट में भारत को 2.409 अंक के साथ 127वां स्थान मिला है।
रिपोर्ट के अनुसार, आइसलैंड 1.161 के स्कोर के साथ लगातार 19वें वर्ष दुनिया का सबसे शांतिपूर्ण देश बना हुआ है। वहीं वैश्विक स्तर पर संघर्षों और अस्थिरता में बढ़ोतरी के कारण कई देशों की रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई है।
अमेरिका और पाकिस्तान की रैंकिंग में गिरावट
दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और सैन्य शक्ति माने जाने वाले अमेरिका की स्थिति इस वर्ष कमजोर हुई है। अमेरिका 2025 में 130वें स्थान पर था, जबकि इस बार वह 134वें स्थान पर पहुंच गया है। रिपोर्ट में इसकी वजह अंतरराष्ट्रीय संघर्षों में बढ़ती भागीदारी और आंतरिक चुनौतियों को बताया गया है।
दूसरी ओर पाकिस्तान की स्थिति और चिंताजनक रही। वह पिछले वर्ष की तुलना में छह स्थान नीचे खिसककर 152वें नंबर पर पहुंच गया है। यह वहां बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों और राजनीतिक अस्थिरता को दर्शाता है। वेनेजुएला 133वें, ईरान 144वें और तुर्किये 136वें स्थान पर रहे।
दक्षिण एशिया में भूटान सबसे आगे
दक्षिण एशियाई देशों में भूटान सबसे शांतिपूर्ण राष्ट्र के रूप में उभरा है। इसके बाद श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश और भारत का स्थान है। भारत के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान का नंबर आता है, जो क्षेत्र में सबसे कम शांतिपूर्ण देशों में शामिल हैं।
कतर बना सबसे शांत मुस्लिम देश
मुस्लिम देशों में कतर ने 31वें स्थान के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। इसके बाद कुवैत 49वें और ओमान 60वें स्थान पर हैं। हालांकि पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों का प्रभाव इन देशों की रैंकिंग पर भी दिखाई दिया है।
वहीं लंबे समय से संघर्षों का सामना कर रहे इजराइल ने अपनी स्थिति में कुछ सुधार किया है, लेकिन इसके बावजूद वह 160वें स्थान पर बना हुआ है।
गौरतलब है कि ग्लोबल पीस इंडेक्स प्रत्येक वर्ष देशों की आंतरिक सुरक्षा, बाहरी संघर्षों, सैन्य गतिविधियों और सामाजिक स्थिरता जैसे विभिन्न मानकों के आधार पर जारी किया जाता है, जिससे दुनिया भर में शांति की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाता है।

