रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में मॉनसून के सक्रिय होते ही केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन और मलबा गिरने की घटनाएं बढ़ गई हैं। लगातार बारिश के चलते कई संवेदनशील क्षेत्रों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने 5 से 8 जुलाई तक राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह राजवार ने बताया कि केदारनाथ यात्रा मार्ग के सभी संवेदनशील स्थलों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से श्रद्धालुओं की आवाजाही पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट के मद्देनज़र राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस, एसडीआरएफ, राष्ट्रीय राजमार्ग, पीडब्ल्यूडी और बीआरओ को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। आवश्यकता पड़ने पर ट्रेकिंग गतिविधियों और यात्रा को अस्थायी रूप से रोका भी जा सकता है।
हाल ही में सोनप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग पर मुनकटिया के पास हुए भूस्खलन के कारण बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरे थे, जिससे यात्रा कुछ समय के लिए प्रभावित हुई। हालांकि प्रशासन ने मार्ग को जल्द ही सुचारु करने के प्रयास किए।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी अवश्य लें, केवल प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना दें।
खराब मौसम और कठिन परिस्थितियों के बावजूद बाबा केदार के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह बरकरार है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यात्रा का संचालन किया जा रहा है।


