लुधियाना की बसंत सिटी कॉलोनी को पहुंचाया फायदा, विजिलेंस ने पूर्व अधिकारियों समेत 3 को दबोचा
सरकारी फंड से निजी कॉलोनी में लगाया गया 66 केवी सब-स्टेशन, PSPCL के पूर्व CMD समेत तीन गिरफ्तार
प्रथम न्यूज। लुधियाना (ब्यूरो)- पंजाब के लुधियाना से इस समय बड़ी खबर सामने आई है। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने करोड़ों रुपए के कथित घोटाले में पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के पूर्व CMD केडी चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। उनके साथ PSPCL के पूर्व वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी संजीव प्रभाकर और लुधियाना स्थित दामिनी रिसॉर्ट एंड बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अमित गर्ग को भी गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई विजिलेंस जांच नंबर 05, दिनांक 10 मई 2021 के तहत की गई है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर मिलीभगत कर सरकारी नियमों की अनदेखी करते हुए निजी हाउसिंग कॉलोनी ‘बसंत सिटी’ में सरकारी फंड से करीब 10 करोड़ रुपए खर्च कर 66 केवी का सब-स्टेशन स्थापित करवाया।
विजिलेंस ब्यूरो की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि यदि उस समय कॉलोनाइजर की सभी कॉलोनियों के एनओसी और बिजली लोड की संयुक्त जांच करवाई जाती, तो इस सब-स्टेशन का पूरा खर्च संबंधित कॉलोनाइजर को खुद उठाना पड़ता। लेकिन अधिकारियों ने कथित तौर पर नियमों को नजरअंदाज करते हुए सरकारी धन का इस्तेमाल किया।
जांच एजेंसी के मुताबिक, सब-स्टेशन की स्थापना के दौरान बिजली विभाग के निर्धारित आदेशों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। इतना ही नहीं, यह तथ्य भी छिपाया गया कि बसंत एवेन्यू सब-स्टेशन तक पहुंचने के लिए कोई पक्की सड़क मौजूद नहीं थी। यह सब-स्टेशन पक्खोवाल लिंक रोड से लगभग तीन किलोमीटर दूर खेतों के बीच स्थित बताया गया है।
विजिलेंस का कहना है कि तत्कालीन XEN संजीव प्रभाकर और अन्य फील्ड अधिकारियों द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में कई गंभीर खामियां थीं, लेकिन विभाग के उच्च अधिकारियों और तत्कालीन CMD केडी चौधरी ने इन्हें नजरअंदाज करते हुए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इससे बसंत एवेन्यू कॉलोनी को सीधा फायदा पहुंचा।
फिलहाल विजिलेंस ब्यूरो मामले की आगे जांच कर रही है और संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में अन्य अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।

