जालंधर (महेश रहेजा ) केंद्र सरकार ने पासपोर्ट और उससे संबंधित सेवाओं की फीस में बड़ा बदलाव किया है। यह बदलाव ऐसे समय में सामने आया है, जब देशभर में पासपोर्ट को नागरिकता के प्रमाण के रूप में मान्यता दिए जाने को लेकर चर्चा चल रही है। विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 जारी करते हुए इन नई दरों को अगले महीने से पूरे देश में लागू करने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले वर्ष 2012 में आखिरी बार पासपोर्ट शुल्क में संशोधन किया गया था।
नए नियमों के अनुसार, 18 वर्ष से कम आयु के नाबालिगों के लिए सामान्य प्रक्रिया के तहत नया पासपोर्ट बनवाने की फीस 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,750 रुपये कर दी गई है, जबकि तत्काल श्रेणी के लिए अब 4,250 रुपये शुल्क देना होगा। इसी प्रकार यदि किसी का पासपोर्ट खो जाता है या क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो 36 पृष्ठों वाले पासपोर्ट को दोबारा जारी करवाने के लिए सामान्य श्रेणी में 5,000 रुपये तथा तत्काल श्रेणी में 7,500 रुपये खर्च करने होंगे।
वहीं, 60 पृष्ठों वाले खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट को पुनः जारी करवाने के लिए सामान्य शुल्क 6,000 रुपये तथा तत्काल शुल्क 8,500 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (पीसीसी) की फीस भी 500 रुपये से बढ़ाकर 750 रुपये कर दी गई है।
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में कुछ आवेदकों को राहत भी दी गई है। नए नियमों के अनुसार, 8 वर्ष तक के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को नए पासपोर्ट के लिए आवेदन करने पर 10 प्रतिशत की विशेष छूट प्रदान की जाएगी।
सरकार के इस फैसले से जहां आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा, वहीं बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली यह राहत कुछ हद तक राहतभरी साबित होगी।

