-अमेरिका के साथ टैक्स-फ्री -व्यापार और नए संशोधन बिलों से बर्बाद होगा देश का किसान-मजदूर: सविंदर सिंह चुताला
गुरदासपुर (संदीप सन्नी) – किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब (जिला गुरदासपुर) के ‘जोन बाबा मस्तू जी’ की एक अहम बैठक गांव वरियाह स्थित गुरुद्वारा साहिब में आयोजित की गई। यह बैठक जोन प्रधान अनूप सिंह सुल्तानी की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें विशेष तौर पर प्रदेश नेता सविंदर सिंह चुताला और जिला प्रेस सचिव सुखदेव सिंह अल्लड़ पिंडी उपस्थित हुए। बैठक के दौरान संगठन के फंड, वर्तमान में चल रहे कार्यों तथा भविष्य की रूपरेखा और आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला:
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश नेता सविंदर सिंह चुताला ने केंद्र सरकार की किसान-मजदूर विरोधी नीतियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ‘बीज संशोधन बिल 2025’ और ‘बिजली संशोधन बिल 2025’ लाकर कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाना चाहती है। इसके साथ ही, सरकार अमेरिका के साथ टैक्स-फ्री समझौता करके देश की कृषि मंडियों को मुफ्त में अमेरिका के हवाले करने जा रही है, जिससे देश के किसानों और मजदूरों का भविष्य पूरी तरह तबाही की ओर बढ़ जाएगा।
राज्य सरकार की वादाखिलाफ़ी और दमन के खिलाफ लामबंदी:
नेताओं ने पंजाब की भगवंत मान सरकार को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार चुनाव से पहले किए गए अपने वादों से मुकर रही है। शंभू और खनौरी बॉर्डर से जबरन धरना उठाने के दौरान हुए नुकसान की भरपाई करने के मुद्दे पर राज्य सरकार लगातार बैठकों से भाग रही है। नेताओं ने कहा कि विभिन्न आंदोलनों के दौरान किसानों और मजदूरों पर दर्ज किए गए झूठे मुकदमों के विरोध में आने वाले समय में एक बड़े और तीखे संघर्ष की जरूरत है। इसके लिए उन्होंने सभी को अभी से तैयार रहने का आह्वान किया।
बैठक में ये रहे उपस्थित:
इस बैठक में चुताला के एडिशनल जोन सचिव कुलजीत सिंह, बख्शीश सिंह सुल्तानी, अमरीक सिंह हयात नगर, जतिंदर सिंह चीमा, सुच्चा सिंह, अर्जुन सिंह वरियाह, सोहन सिंह काला नंगल, गुरप्रीत सिंह, ओंकार सिंह, जसदेव सिंह, रमनजीत कौर, कुलवंत कौर काला नंगल, कुलवंत सिंह, बलजीत कौर सैनपुर, राम मूर्ति उमरपुर, सतनाम सिंह मद्देपुर, कश्मीर सिंह हेमराजपुर और सतिंदर पाल तुंग शामिल हुए। इसके अलावा भारी संख्या में किसान-मजदूर और महिला विंग से रमनदीप कौर, मनजिंदर कौर तथा सुखदेव कौर आदि विशेष रूप से उपस्थित थीं।



