चंडीगढ़। मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन (एमडब्ल्यूबीए) के प्रतिनिधिमंडल ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu से मुलाकात कर राज्य के पत्रकारों के लिए पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं, दुर्घटना बीमा और अन्य कल्याणकारी योजनाएं लागू करने की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संगठन के उत्तर भारत अध्यक्ष चंद्रशेखर धरणी ने किया।
मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में पत्रकारों के सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से रखा गया। संगठन ने हरियाणा की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में भी व्यापक पत्रकार कल्याण नीति लागू करने की मांग की।
इस दौरान एमडब्ल्यूबीए ने पत्रकारों और मीडिया कर्मियों के कौशल विकास के लिए मनाली में तीन दिवसीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने का प्रस्ताव भी रखा। संगठन ने बताया कि बदलते मीडिया परिदृश्य में एआई तकनीक पत्रकारिता का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। शिविर में समाचार संकलन, फैक्ट चेकिंग, कंटेंट निर्माण, डेटा विश्लेषण और डिजिटल मीडिया प्रबंधन में एआई के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। कार्यक्रम की तिथि शीघ्र निर्धारित कर संगठन को सूचित की जाएगी।
एमडब्ल्यूबीए ने एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए हिमाचल प्रदेश के पत्रकारों के लिए 10 लाख रुपये तक की निःशुल्क व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना शुरू करने की घोषणा की। संगठन का कहना है कि जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करने वाले पत्रकारों के लिए यह योजना सुरक्षा कवच साबित होगी।
मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि पत्रकारों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा और पेशेवर विकास के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखती है।
एमडब्ल्यूबीए के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर धरणी ने कहा कि संगठन पत्रकारों के कौशल विकास, सामाजिक सुरक्षा और पेशेवर उन्नति के लिए लगातार कार्य करता रहेगा तथा सरकार के सहयोग से पत्रकार कल्याण की नई पहलें आगे भी जारी रहेंगी।

