अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के मामले ने शुक्रवार को नया मोड़ ले लिया। एसआईटी की प्रारंभिक जांच के आधार पर एफआईआर दर्ज होने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा सौंप दिया। बताया जा रहा है कि जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से दोनों ने जांच पूरी होने तक अपने दायित्वों से अलग रहने का निर्णय लिया है।
इस बीच ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने कहा कि उन्हें इन इस्तीफों के संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर देशभर की निगाहें टिकी हुई हैं।
सभी आठ नामजद आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
चढ़ावा गड़बड़ी मामले में पुलिस ने एफआईआर में नामजद सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मेडिकल जांच के बाद उन्हें रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एसआईटी की रिपोर्ट को विवेचना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
दूसरी ओर विपक्षी दलों ने एफआईआर में ट्रस्ट के किसी वरिष्ठ पदाधिकारी का नाम शामिल नहीं किए जाने पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।
19 दिन बाद दर्ज हुई एफआईआर
चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के 19 दिन बाद तथा एसआईटी की सिफारिश के दो दिन पश्चात पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। एफआईआर में ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के चालक रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के रिश्तेदार अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, गणना कर्मी मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। सभी पर सुनियोजित तरीके से चढ़ावे की नकदी और कीमती सामान में हेरफेर करने का आरोप है।
करोड़ों की नकदी और आभूषणों में गड़बड़ी का दावा
एसआईटी की प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये की नकदी तथा सोने-चांदी के आभूषणों में कथित अनियमितताओं के संकेत मिलने का दावा किया गया है। जांच के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर लगभग तीन करोड़ रुपये की बरामदगी भी की गई है। अब विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कुल कितनी राशि और कितने मूल्य के आभूषण तथा अन्य बहुमूल्य वस्तुएं गायब हुई हैं।
सीसीटीवी फुटेज जांच का सबसे बड़ा आधार
जांच एजेंसियों के मुताबिक मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में कई आरोपी कथित तौर पर चोरी करते दिखाई दिए हैं। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू को इस पूरे मामले का मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है। आरोप है कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का दुरुपयोग कर अन्य लोगों को भी इस कथित साजिश में शामिल किया। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, बरामद नकदी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।

