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कांग्रेस की राम मंदिर पर बदलती नीति अवसरवादी राजनीति का प्रतीक : डॉ. राजीव बिंदल

जिन्होंने वर्षों तक राम मंदिर निर्माण का विरोध किया, आज वही राजनीतिक लाभ के लिए दर्शन कर रहे हैं : बिंदल

शिमला। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस पार्टी की राम मंदिर को लेकर बदली हुई नीति पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस पर यह कहावत पूरी तरह चरितार्थ होती है कि “100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली।” उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने दशकों तक तुष्टीकरण की राजनीति की, श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का लगातार विरोध किया और न्यायालय में भी मंदिर निर्माण रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए, वही पार्टी आज भगवान श्रीराम के प्रति प्रेम का प्रदर्शन कर रही है।

डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक भगवान श्रीराम के जन्मस्थान पर मंदिर निर्माण का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान भगवान श्रीराम को लंबे समय तक ताले और फिर टेंट तक सीमित रखा गया। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस नेताओं का राम मंदिर जाना उनकी आस्था नहीं बल्कि राजनीतिक अवसरवाद का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए कांग्रेस अपना रुख बदल रही है, जिसे देश की जनता भली-भांति समझती है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में यह दावा किया था कि 97 प्रतिशत हिंदू आबादी वाले हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने हिंदू विचारधारा को हराकर सत्ता प्राप्त की है। डॉ. बिंदल ने कहा कि ऐसे बयान देने वाले नेताओं का आज राम मंदिर जाकर दर्शन करना उनकी दोहरी मानसिकता को उजागर करता है।

डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए और अपने पिछले राजनीतिक आचरण पर भी नजर डालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों देशवासियों की आस्था के केंद्र हैं और उनके नाम पर राजनीतिक स्वार्थ साधने का प्रयास अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि देश की जनता कांग्रेस की कथनी और करनी के अंतर को भली-भांति पहचान चुकी है।

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