21 आयुर्वेदिक अस्पतालों पर गिरी गाज, हिमकेयर-आयुष्मान के तहत नहीं मिलेगा मुफ्त उपचार
नई ऑनलाइन व्यवस्था के चलते आयुर्वेदिक अस्पताल योजनाओं से बाहर, कर्मचारियों की नौकरी पर भी खतरा
शिमला (एएम नाथ)- हिमाचल प्रदेश के 21 आयुर्वेदिक अस्पतालों को हिमकेयर और आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजनाओं के पैनल से बाहर कर दिया गया है। इस संबंध में हिमाचल स्वास्थ्य बीमा योजना सोसायटी (एचपीएसबीवाई) ने आदेश जारी किए हैं। निर्णय के बाद इन अस्पतालों में पात्र मरीजों को दोनों योजनाओं के तहत मिलने वाला पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज अब उपलब्ध नहीं होगा।
जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार की नई ऑनलाइन व्यवस्था में आयुर्वेदिक अस्पतालों को शामिल करने का प्रावधान नहीं रखा गया है। इसी कारण राज्य के आयुर्वेदिक अस्पतालों को योजनाओं के पैनल से हटाने का फैसला लिया गया है। अब तक इन अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीज हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजना के तहत उपचार का लाभ उठा रहे थे।
इस फैसले का असर अस्पतालों में कार्यरत करीब 40 से 50 आउटसोर्स कर्मचारियों पर भी पड़ सकता है। ये कर्मचारी दोनों स्वास्थ्य योजनाओं से संबंधित रिकॉर्ड, क्लेम और अन्य प्रशासनिक कार्य संभालते थे। योजनाओं का संचालन बंद होने से उनकी सेवाओं की आवश्यकता कम होने की आशंका है, जिससे रोजगार पर संकट खड़ा हो सकता है।
जिन अस्पतालों को योजनाओं से बाहर किया गया है उनमें जिला आयुर्वेदिक अस्पताल बिलासपुर, नालागढ़, धर्मशाला, कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना, रिकांगपिओ, नाहन, चंबा, सोलन, मंडी और कुल्लू सहित अन्य संस्थान शामिल हैं। इसके अलावा रीजनल आयुर्वेदिक अस्पताल छोटा शिमला तथा राजीव गांधी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पपरोला को भी पैनल से हटाया गया है। इस निर्णय से प्रदेश के आयुर्वेदिक चिकित्सा संस्थानों में उपचार कराने वाले हजारों लाभार्थियों पर सीधा प्रभाव पड़ने की संभावना है।

