गुलाब चंद कटारिया के करीबी अधिकारी गौरव मलिक का इस्तीफा, गुरुग्राम की निजी कंपनी जॉइन करने की चर्चा
एयरफोर्स पृष्ठभूमि वाले गौरव मलिक ने छोड़ी राजभवन की जिम्मेदारी, राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज
चंडीगढ़ (एएम नाथ)- पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के एडीसी (एड-डी-कैंप) गौरव मलिक ने अपना पद छोड़ दिया है। राजभवन और प्रशासनिक हलकों में इस घटनाक्रम को एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। गौरव मलिक लंबे समय से राज्यपाल के साथ जुड़े हुए थे और प्रशासनिक समन्वय तथा प्रोटोकॉल संबंधी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए जाने जाते थे।
सूत्रों के अनुसार गौरव मलिक पिछले कई वर्षों से राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के साथ एडीसी के पद पर कार्यरत थे। राज्यपाल के आधिकारिक कार्यक्रमों, वीआईपी दौरों, सुरक्षा समन्वय और विभिन्न प्रशासनिक गतिविधियों में उनकी अहम भूमिका रहती थी। राजभवन के भीतर उनकी कार्यशैली और अनुशासन को लेकर अधिकारियों के बीच अच्छी छवि मानी जाती थी।
जानकारी के मुताबिक गौरव मलिक भारतीय वायुसेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन अधिकारी रह चुके हैं। सैन्य पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था, अनुशासन और समन्वय का व्यापक अनुभव था। यही कारण रहा कि उन्हें राजभवन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। सूत्र बताते हैं कि वह वर्तमान समय में एक्सटेंशन पर अपनी सेवाएं दे रहे थे और अगले वर्ष उनकी सेवानिवृत्ति प्रस्तावित थी। हालांकि रिटायरमेंट से पहले ही उन्होंने अपने पद से अलग होने का फैसला लिया, जिसके बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
गौरव मलिक मूल रूप से हरियाणा के जींद जिले के एक गांव से संबंध रखते हैं। शांत स्वभाव और पेशेवर कार्यशैली के चलते उन्होंने प्रशासनिक हलकों में अपनी अलग पहचान बनाई थी। उनके अचानक पद छोड़ने को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं।
सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि गौरव मलिक ने गुरुग्राम स्थित एक बड़ी बिल्डर कंपनी में अधिकारी के तौर पर जॉइन कर लिया है। हालांकि अभी तक कंपनी के नाम का खुलासा नहीं हुआ है और न ही इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है।
फिलहाल राजभवन या संबंधित पक्ष की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में अब सभी की नजरें संभावित आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।

