Wednesday, May 13, 2026

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हरीश रावत के बयान से रूठे सुनील जाखड़ तो बोली कांग्रेस- चन्नी और सिद्धू दोनों के चेहरे पर लड़ेंगे चुनाव

चंडीगढ़. पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत (Harish Rawat) के ‘सिद्धू के नेतृत्व में चुनाव लड़ने…’ के एक कथित बयान के बाद फिर नया विवाद खड़ा हो गया. पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल रहे सुनील जाखड़ (Sunil Jakhar) ने रावत पर निशाना साधा है. हालांकि, मामले को तूल पकड़ता देख ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) ने हस्तक्षेप किया और सफाई पेश की. साथ ही यह साफ किया है कि कांग्रेस 2022 का विधानसभा चुनाव चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) और नवजोत सिंह सिद्धू के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी. साथ ही कांग्रेस ने रावत के इस तरह के बयान देने वाली बात से इनकार किया है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रावत ने कथित रूप से यह कह दिया था कि पार्टी 2022 के चुनाव में प्रदेश प्रमुख की अगुवाई में चुनाव लड़ेगी. इस बयान के बाद से विवाद खड़ा हो गया था. जाखड़ ने ट्वीट किया, ‘चन्नी के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले दिन रावत का बयान कि चुनाव सिद्धू के नेतृत्व में लड़े जाएंगे, यह समझ से परे है. यह सीएम की अथॉरिटी को कम करने की संभावना और साथ ही इस पद के लिए उनके चुनाव के मुख्य कारण को भी नकारता है.’

जाखड़ ने सुरजेवाला की सफाई के हवाले से अपनी बात भी रखी. पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी ने चन्नी को नए सीएम के तौर पर चुना है. रावत वरिष्ठ नेता हैं और इस दिन ऐसे बयान को नजरअंदाज किया जाना चाहिए. राहुल जी ने मेरी चिंताएं सुनी और पार्टी ने सफाई दी है. सोनिया जी और राहुल जी के नेतृत्व में दोनों चन्नी और सिद्धू साथ काम करेंगे.’

पंजाब में नए सीएम की शुरुआत के साथ ही सामने आए जाखड़ का असंतोष दिखाता है कि प्रदेश कांग्रेस में अभी भी कुछ नाराजगियां हैं, जो बीते कुछ महीनों से जारी उठा-पटक में खो गई हैं. यह पूरा घटनाक्रम दिखाता है कि महत्वकांक्षी सिद्धू और एक ऐसे सीएम की आकांक्षाओं को संतुलित करना कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती होगी, जिनकी नियुक्ती को कांग्रेस की सामाजिक न्याय को लेकर प्रतिबद्धता के तौर पर दिखाया जा रहा है.

रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ लोगों का मानना है कि जाखड़ सीएम पद की रेस से बाहर होने के बाद नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने रावत और अंबिका सोनी पर निशाना साधा है, जिन्होंने कहा था कि पंजाब की सीएम सिख होना चाहिए. इस बयान को ही जाखड़ के सीएम बनने की संभावनाओं के खात्मे के रूप में देखा गया था.

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