कहा, नशे के सौदागरों पर होती है कार्रवाई, सुक्खू का बड़ा संदेश, हिमाचल में अपराधियों पर होगी सख्त कार्रवाई
केंद्र पर बरसे CM सुक्खू, कहा, 10 हजार करोड़ का नुकसान, सिर्फ 1500 करोड़ की राहत
शिमला (एएम नाथ) हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने साफ कहा कि प्रदेश में कानून का राज है और ‘चिट्टे’ के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का बुलडोजर किसी धर्म को देखकर नहीं, बल्कि अपराध और नशे के नेटवर्क पर चलता है। सीएम सुक्खू ने आपदा राहत को लेकर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राज्य को 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, लेकिन मदद के नाम पर केवल 1500 करोड़ रुपये दिए गए। बातचीत के दौरान उन्होंने कांग्रेस संगठन, राहुल गांधी की रणनीति और पूर्वोत्तर राज्यों की राजनीति पर भी अपनी राय रखी। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन को उन्होंने “नई शुरुआत” बताया और कहा कि पार्टी बूथ स्तर तक दोबारा सक्रिय हुई है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार की राहत नीति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से भारी नुकसान हुआ, लेकिन अपेक्षित आर्थिक सहायता नहीं मिली। साथ ही उन्होंने प्रदेश में बढ़ते ड्रग्स नेटवर्क पर सरकार की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि बुलडोजर कार्रवाई धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि नशे के कारोबारियों के खिलाफ की जा रही है। राजनीतिक सवालों पर बोलते हुए सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस पश्चिम बंगाल में लंबे समय बाद हर विधानसभा सीट पर उतरी, जो भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है। असम में कांग्रेस की हार पर उन्होंने कहा कि इसके कारणों का विश्लेषण पार्टी नेतृत्व करेगा, जबकि अलग-अलग राज्यों में मतदाताओं का व्यवहार अलग होता है। केरल में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह पर उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस की सरकार बनती है, वहां पार्टी नेताओं का जाना स्वाभाविक है।
सुक्खू ने कानून-व्यवस्था, आपदा राहत और राष्ट्रीय राजनीति पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ड्रग्स माफिया के खिलाफ कड़ा अभियान चला रही है और बुलडोजर कार्रवाई केवल अपराधियों पर केंद्रित है, किसी धर्म विशेष पर नहीं। सुक्खू ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि आपदा के समय हिमाचल को पर्याप्त राहत नहीं मिली। उनके मुताबिक राज्य को करीब 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जबकि केंद्र से सिर्फ 1500 करोड़ रुपये मिले। राजनीतिक मुद्दों पर उन्होंने राहुल गांधी की रणनीति का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस धीरे-धीरे संगठन को मजबूत कर रही है। पश्चिम बंगाल में कम सीटें आने के बावजूद उन्होंने बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की मौजूदगी को पार्टी के लिए सकारात्मक संकेत बताय।

