नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते ईरान-अमेरिका तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से खर्चों में कटौती और विदेशी मुद्रा बचाने की अपील की है। हैदराबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से कम से कम एक साल तक सोना न खरीदने, गैर-जरूरी विदेश यात्राएं टालने और जहां संभव हो “वर्क फ्रॉम होम” अपनाने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत को मौजूदा वैश्विक संकट के दौरान अपने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखना होगा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान अपनाई गई आदतों जैसे वर्चुअल मीटिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और घर से काम करने की संस्कृति को फिर से अपनाने की जरूरत है। इससे ईंधन की खपत कम होगी और देश को आर्थिक राहत मिलेगी।
उन्होंने नागरिकों से मेट्रो रेल, कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक उपयोग करने की भी अपील की। साथ ही माल ढुलाई के लिए सड़क परिवहन के बजाय रेलवे का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर दिया।
दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं। भारत अपनी तेल जरूरतों का लगभग 88 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है, इसलिए इसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर पड़ रहा है।
मुख्य बातें
- प्रधानमंत्री मोदी ने एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की।
- गैर-जरूरी विदेश यात्राएं और डेस्टिनेशन वेडिंग टालने को कहा।
- वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल मीटिंग को फिर अपनाने पर जोर।
- मेट्रो, कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग की सलाह।
- बढ़ती तेल कीमतों से भारत के आयात बिल पर दबाव बढ़ा।
- विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए खर्च कम करने की अपील।

