नई दिल्ली (प्रथम न्यूज) आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 से बांग्लादेश क्रिकेट टीम के हटने के मामले ने अब राजनीतिक और खेल जगत में बड़ा रूप ले लिया है। बांग्लादेश सरकार ने पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। यह टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में आयोजित किया गया था।
सरकारी आदेश के मुताबिक समिति टीम के टूर्नामेंट से हटने के पीछे के कारणों, फैसले की प्रक्रिया और उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी। समिति को 15 कार्यदिवस के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच समिति की अगुवाई पूर्व अतिरिक्त सचिव डॉ. एकेएम ओलि उल्लाह करेंगे। वहीं समिति में बांग्लादेश क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और वर्तमान मुख्य चयनकर्ता हबीबुल बशार तथा सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता फैसल दस्तगीर को भी शामिल किया गया है। समिति प्रमुख ओलि उल्लाह ने कहा कि जांच जल्द शुरू की जाएगी और तय समय में रिपोर्ट देने का प्रयास रहेगा।
दरअसल, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टीम को भारत भेजने से इनकार कर दिया था। विवाद उस समय और बढ़ गया जब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स से तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को राष्ट्रीय टीम के लिए रिलीज करने का अनुरोध किया। इसके बाद दोनों क्रिकेट बोर्डों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
बांग्लादेश बोर्ड ने आईसीसी से अपने मुकाबले श्रीलंका में कराने की मांग भी रखी थी, लेकिन आईसीसी ने इसे स्वीकार नहीं किया। बाद में टूर्नामेंट में बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया।
बांग्लादेश के युवा एवं खेल राज्य मंत्री अमीनुल हक ने पहले ही संकेत दिए थे कि सरकार इस पूरे मामले की समीक्षा करेगी और यह पता लगाया जाएगा कि टीम का हटना प्रशासनिक या कूटनीतिक विफलता तो नहीं था। गौरतलब है कि टी20 विश्व कप का आयोजन 7 फरवरी से 8 मार्च तक किया गया था।

