Thursday, October 6, 2022

Contact Us For Advertisement please call at :
+91-97796-00900

15 करोड़ की लागत से दकोहा फाटक पर बनेगा वाहन अंडरपास- डिप्टी कमिश्नर

15 करोड़ की लागत से दकोहा फाटक पर बनेगा वाहन अंडरपास- डिप्टी कमिश्नर
ज़िला प्रशासन ने सबसे अधिक व्यस्तताओं भरे फाटक पर वाहन अंडरपास बनाने के प्रस्ताव की थी पेशकश
एन.एच.ए.आई. की तरफ से विस्थारित रिपोर्ट और ख़र्च अनुमान तैयार प्रोजैक्ट की मंजूरी के बाद टैंडर माँगे जाएगें

डीसी घनश्याम थोड़ी   

जालंधर, 30 मई ( शिव कुमार )

                             दकोहा रेलवे फाटक पर यातायात की समस्या को हल करने के लिए सबसे अधिक व्यस्तता भरे इस फाटक को 15 करोड़ रुपए की लागत के साथ बनाया जायेगा । रेलवे लाईनों के नीचे से वाहनों के निकलने (वाहन अंडरपास) के लिए रास्ता बनाया जाएगा,इस प्रोजैक्ट की पेशकश ज़िला प्रशासन की तरफ से रखी गई और इस प्रोजैक्ट सम्बन्धित विस्तार में रिपोर्ट और आने वाला अनुमानित ख़र्च राष्ट्रीय राज्य मार्ग अथारिटी भारत के (एन.एच.ए.आई.) आधिकारियों की तरफ से तैयार किया गया है।

                             डिप्टी कमिश्नर जालंधर श्री घनश्याम थोरी ने बताया कि दकोहा रेलवे फाटक सबसे अधिक रेल यातायात अमृतसर -दिल्ली मार्ग पर पड़ता है ,जिस कारण रोज़ानां यहाँ वाहनों की लम्बी कतारें लग जाती हैं। उन्होनें बताया कि इस रेलवे फाटक से ट्रेन व्हीकल यूनिट 1 लाख को पार कर गई है ,यहाँ रेलवे अंडर ब्रिज /रेलवे ओवर ब्रिज / रेलवे लाईनों के नीचे रास्ता बनाया जा सकता है।

                             श्री थोरी ने बताया कि ज़्यादा रेल गाड़ियाँ इस रास्ते से निकलने कारण ज़्यादातर यह फाटक बंद ही रहता है ,जिस कारण वाहनों की लम्बी -लम्बी कतारें लग जाती ,जिससे लोगों को काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उन्होनें बताया कि वाहनों के ज़्यादा निकलने वाले समय दौरान यह फाटक लंबा समय बंद रहने कारण यह स्थान एन.एच -44 पर ज़्यादा दुर्घटनाएँ होने वाले स्थान में बदल जाता है।

                             डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि यहाँ लोक निर्माण विभाग (पी.डबल्यू.डी.) की तरफ से भी सर्वे किया गया था ,जिसने सुझाव दिया कि एन.एच -44 के यह स्थान बिल्कुल नज़दीक होने के कारण यहाँ रेलवे अंडर ब्रिज / रेलवे ओवर ब्रिज बनाना संभव नहीं है और यहाँ वाहन अंडरपास बना कर ही यातायात समस्या का हल किया जा सकता है।

                             इस सम्बन्धित और ज्यादा जानकारी देते हुए एन.एच.ए.आई. के प्रोजैक्ट डायरैक्टर वरिन्दर सिंह ने बताया कि इस वाहन अंडर के पास पर 15 करोड़ रुपए की लागत आयेगी और प्रोजैक्ट पर आने वाले खर्च किए सम्बन्धित विस्थारित रिपोर्ट एन.एच.ए.आई. के उच्च आधिकारियों को भेजी जायेगी। उन्होनें कहा कि प्रोजैक्ट की मंजूरी मिलने के बाद टैंडर माँगे जाएंगे।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest Articles

%d bloggers like this: