आक्सीजन न मिलने पर एम्बुलेंस में हुई व्यक्ति की मौत, 108 एम्बुलेंस पर परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
बद्दी 11 मई (सचिन बैंसल)
बद्दी साई मार्ग पर अमर स्टेशनरी के संचालक बाबू राम ने आक्सीजन न मिलने से दम तोड़ दिया। बाबू राम 53 वर्ष के थे। कई साल से बद्दी में स्टेशरी की शाप चलाते थे। मृतक के परिजनों ने 108 एबुलेंस के कर्मचारियों के खिलाफ लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है तथा उनके खिलाफ पुलिस में शिकायती पत्र भी दिया है।
दो दिन पहले उन्हें बुखार आया जिस पर बद्दी अस्पताल में उसका टेस्ट हुआ जिसमें वह पाजिटिव आए। परिजन उन्हें बद्दी के एक निजी अस्पताल में ले गए। दो दिन तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद जब उनकी हालत में सुधार नहीं आया तो अस्पताल से उसे शिमला आईजीएमसी के लिए रैफर कर दिया गया। सोमवार देर सांय उन्हें बद्दी से रैफर किया। जिस समय रैफर किया उस समय वह ठीक हालत में थे और स्वयं एबुंलेस में बैठे। 108 एबुलेंस में दो सिलेंडर लगे थे तथा परिजनों एक अपना सिलेंडर भी आपातकाल के लिए रख लिया था।
बाबू राम के पुत्र मनीष ने आरोप लगाया कि जैसे ही एबुलेंस जाबली पहुंची तो आक्सीजन गैस समाप्त हो गई जिस पर उसने 108 एबुलेंस में तैनात फार्मास्सिट उन्हें सोलन पहुंचाने पर लगे थे लेकिन सोलन पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। सोलन में उनके पिता का शव को सडक़ पर छोड़ कर भाग गए और कर्मचारियों ने अपना नाम तक भी नहीं बताया। वहां से वह शव को मंगलवार को बद्दी लाए और यहां पर उनका कोविड नियमों के तहत अंतिम संस्कार हुआ।
मनीष ने बताया कि उनके पिता की मौत 108 एबुलेंस के कर्मचारियों की लापरवाही से हुई है। अगर आक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था होती तो उनके पिता बेआई मौत से नहीं मरते। उन्होंने प्रशासन से इन कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।


